खुद को जानिये और कॅरियर चुनिये

कॅरियर को चुनाव हमेषा ही पेचीदा विशय रहा है क्योंकि हम हमेषा विभिन्न कॅरियर के विकल्पो पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ज्यादातर समय हम इसी बात पर विचार करते हैं कि इंजीनियरिंग बेहतर है या मेडिकल, मेडिकल बेहतर है या लाॅ, आई ए एस आॅफिसर बनना बेहतर है या प्रोफेसर, नौकरी करना अच्छा है या बिजनेस करना। लेकिन यह सारे विष्लेशण एक ही बात पर केंद्रित हैं कि कौनसा कॅरियर ज्यादा बेहतर है या ज्यादा फायदे का है।लेकिन दूसरी तरफ ‘हम’ हैं – जिसको करियर चुनना है। इस बात पर कोई महत्व नहीं देता कि हमारी रूचि क्या है, किसमें है। हमसे कोई नहीं पूछता कि हमारी रूचि किसमें है और हमें भी ठीक से पता नहीं होता कि हमारी रूचि क्या हैं। बहुत कम लोग ऐसे होते है जिन्हें साफ-साफ पता होता है कि उन्हें क्या अच्छा लगता है। ज्यादातर लोग भीड़ के पीछे चलते है। दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात है – ‘क्षमता’। क्या हम अपने चुने हुये क्षेत्र में सफल होने की क्षमता रखते है ? ज्यादातर लोग इसीलिये असफल हैं क्योंकि उन्होंने गलत व्यवसाय चुन लिया है। यदि वे सफल हो भी जायंे तो भी वे खुष और संतुश्ट नहीं हो सकते।
हर व्यक्ति खास है, विषेश है। परमात्मा ने हर एक व्यक्ति को विषेश बनाया है। और परमात्मा के पास हर व्यक्ति के लिये योजना है। लेकिन यह योजना बनाते वक्त परमात्मा ने कोई भेदवाभ नहीं किया क्योंकि वास्तव में यह योजना हमारी ही है। हमारे कर्मों से ही हमारा भाग्य बनता है। हमारे पूर्व कर्मों के फलस्वरूप हमारा आज है और हमारे वर्तमान कर्म हमारा भविश्य निर्धारित करेंगे। यदि हम खुद की क्षमताओं और रूचि को जान लें तो हम ज्यादा अच्छे तरीके से अपना कॅरियर चुन सकते है। खुद को जानने के लिये बहुत से माध्यम उपलब्ध है। खुद को जानने का सबसे बेहतर माध्यम ज्योतिश है। ज्योतिश एक संपूर्ण विज्ञान है। ज्योतिश हमारी रूचि और क्षमताओं के बारे में जानकारी तो देता ही है साथ में हमारे समय की भी जानकारी देता है। ज्योतिश के द्वारा हम सही समय चुन सकते हैं जिससे कि हमें अपने कॅरियर में सफलता मिले। ज्योतिश के द्वारा हम अपने समय के अनुसार उपयुक्त कॅरियर को भी चुन सकते हैं।
दूसरा माध्यम है, अंक ज्योतिश (Numerology)। अंक ज्योतिश के द्वारा हम उन सभी बातों को जान सकते हैं जिसकी जानकारी हमें ज्योतिश देता है पर थोड़ी कम सटीकता से। अंक ज्योतिश उन लोगों के लिये लाभप्रद है जो स्वयं के बारे में जानना तो चाहते हैं पर उनके पास उनके जन्म की संपूर्ण जानकारी नहीं होती है।
उसके बाद कई वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके हैं जिनसे हम स्वंय के बारे मंे जान सकते हैं। आधुनिक तरीकों में सबसे बेहतर है डी. एम. आई. टी. (DMIT) (Dermotoglyphics Multiple Intelligence Test) डरमेटोग्लाईफिक्स मल्टीपल इंटेलिजेंस टेस्ट। DMIT के द्वारा हम अपनी रूचि, क्षमता और सीखने के तरीके के बारे में जान सकते है। सीखने का तरीका (Learning Style) यह एक ऐसा पहलू है जो बेहतर तरीके से केवल DMIT के द्वारा ही जाना जा सकता है और यह DMIT की श्रेश्ठता भी है। दूसरा आधुनिक तरीका है सायकोमेट्रिक टेस्ट (Psychomatric Test), इस तरीके से आप केवल व्यक्ति की रूचि जान सकते हैं पर उसकी क्षमता नहीं। इसलिये Psychomatric Test, DMIT की तुलना में अधिक सीमित है। परंतु उद्योग जगत में अनेक वर्शों से कर्मचारी के चयन के लिये Psychomatric Test का इस्तेमाल किया जाता है। DMIT हमारी फिंगरपिं्रट के आधार पर विष्लेशण किया जाता है और यह एक नयी पध्दति है।
इनके अलावा और भी कई तरीके हैं, खुद की रूचि और क्षमता को जानने के, जैसे कि हस्तरेखा षास्त्र (Palmistry), लिखावट का विष्लेशण (Graphology) इत्यादी जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
सारी बातों का एक ही सार है – कि आप अधिक महत्वपूर्ण हैं, कॅरियर से। कॅरियर आपके लिये है, आप कॅरियर के लिये नहीं। जब तक आप अपनी रूचि, अपनी क्षमता, अपना उपयुक्त समय, इनको केंद्रबिंदु बनायेंगे तब तक आप कॅरियर में सफल, सुखी और संतुश्ट रहेंगे। यही
जीवन का लक्ष्य भी है – पैसा तो कमाना ही है और सफल भी होना है परंतु सुखी और संतुश्ट भी होना है।
ALL THE BEST !!
प्रा. मधुर शुक्ला,
र्बी.इ.(मेके), एम.ई.(थर्मल सांईस),
एजुकेषनल अॅडवाईजर एवं कॅरियर काॅउंसिलर,
ज्योतिशी एवं अंक ज्योतिशी, 25 वर्शाे से।
मो. 9822201038, 9823705755.